
रायगढ़।एक नाबालिग की मासूमियत से विश्वासघात करने वाले आरोपी को भूपदेवपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। यह कार्रवाई रायगढ़ पुलिस द्वारा महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए संचालित “अभियान संवेदना” के तहत की गई, जिसका उद्देश्य पीड़ितों को शीघ्र न्याय और अपराधियों को कानून के कठघरे तक पहुंचाना है।
भुपदेवपुर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 20 जुलाई 2026 को एक महिला अपनी नाबालिग पुत्री के साथ थाना भूपदेवपुर पहुंची और ग्राम जैमुड़ा निवासी शिव कुमार चौहान (20 वर्ष) के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि उनकी पुत्री 14 जुलाई को रिश्तेदार के घर घरघोड़ा गई थी,जहां से वह लापता हो गई। तलाश के दौरान आरोपी ने स्वयं परिजनों को मोबाइल पर रिंग कर युवती को अपने साथ ले जाने और उससे विवाह करने की बात कही।
पीड़िता के अनुसार,आरोपीत उसे मोटरसाइकिल से अपने गांव ले गया और विवाह का झांसा देकर कई दिनों तक उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक शोषण करता रहा। बाद में 19 जुलाई को आरोपी उसे घर छोड़कर फरार हो गया। घर लौटने पर पीड़िता ने परिजनों को पूरी घटना बताई,जिसके बाद पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए खरसिया एसडीओपी प्रभात पटेल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक रोशन कुमार कौशिक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्काल कार्यवाही की। महिला उपनिरीक्षक संध्यारानी कोका ने पीड़िता का कथन दर्ज कर विधिसम्मत कार्यवाही प्रारंभ की। पुलिस ने आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया। पूछ-ताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार किया। घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई है। न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
यह कार्यवाही केवल एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उस भरोसे की रक्षा का प्रयास है जो समाज अपनी बेटियों की सुरक्षा के लिए कानून और पुलिस व्यवस्था पर करता है। नाबालिगों के विरुद्ध होने वाले अपराध केवल एक परिवार को नहीं,बल्कि पूरे समाज की संवेदनाओं को झकझोर देते हैं।
रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में रायगढ़ पुलिस “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर कार्य कर रही है। प्रत्येक शिकायत पर संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्यवाही कर पीड़ितों को न्याय दिलाना और दोषियों को कानून के समक्ष लाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
भूपदेवपुर पुलिस की इस कार्यवाही ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि जब कानून संवेदनशीलता और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ता है, तब अपराधियों के लिए बच निकलने की कोई गुंजाइश नहीं रहती।




