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भारत में चुनाव कराना बहुत भारी काम : सुशील चंद्रा

नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग, भारतीय उच्चायोग, प्रिटोरिया, भारत के काउंसुलेट जनरल जोहान्सबर्ग और दक्षिण अफ्रीका का चुनाव आयोग ‘‘विश्‍व के सबसे बड़े लोकतंत्र के चुनाव की कहानी’’ पर 30 नवम्‍बर, 2021 को भारत में आयोजित एक अंतर्राष्ट्रीय वर्चुअल सेमिनार में शामिल हुए। इस वेबिनार में भारतीय प्रवासियों, शिक्षाविदों और दक्षिण अफ्रीका के विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्रों समेत 50 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। अपने मुख्य भाषण में, भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त, सुशील चंद्रा ने कहा कि भारत में चुनाव कराना बहुत भारी काम है क्‍योंकि देश में अब 937 मिलियन से अधिक पंजीकृत मतदाता हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय निर्वाचन आयोग ‘कोई मतदाता पीछे न छूटे’ के उद्देश्य के साथ हर गांव, बस्ती और निवास स्‍थानों के नजदीक मतदान केन्‍द्र स्‍थापित करता है। उन्‍होंने कोविड महामारी में छह राज्यों में चुनाव आयोजित कराने के अनुभव को साझा करते हुए, चुनौतियों के बावजूद चुनाव को सुचारू रूप से आयोजित करने के लिए अपनाई गई कई पहलों का उल्‍लेख किया। उन्होंने मतदान केन्‍द्रों पर मतदाताओं की अधिकतम संख्या को 1500 से घटाकर 1000 करने और मतदान स्थलों पर भीड़भाड़ को कम करने के लिए मतदान की अवधि एक घंटे बढ़ाने जैसे उठाए गए कदमों पर भी प्रकाश डाला। उन्‍होंने बताया कि 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों, दिव्‍यांगों और कोविड से प्रभावित व्‍यक्तियों के लिए डाक मतपत्र की सुविधा प्रदान की गई और ऐसे मामलों में भारतीय निर्वाचन आयोग सचमुच मतदान केन्‍द्र को ऐसे लोगों के दरवाजे तक ले आया। सुशील चंद्रा ने भारतीय चुनावों में महिलाओं की भागीदारी के बारे में भी जानकारी दी और बताया कि पिछले कुछ वर्षों में महिलाओं की भागीदारी में उल्‍लेखनीय वृद्धि देखी गई है।

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