
खरसिया। वन संपदा की सुरक्षा केवल कागजों में दर्ज जिम्मेदारी नहीं, बल्कि धरातल पर सतत निगरानी,तत्परता और कठोर कार्यवाही की मांग करती है। इसी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाते हुए वन विभाग की टीम ने 21 अगस्त 2026 को बजरंग साॅ मिल खरसिया के संचालक भीम प्रकाश अग्रवाल को नोटिस देकर कार्यवाही करते हुए आरा मिल की जांच की। जांच के दौरान लकड़ी से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर विभाग ने चार नग लकड़ी के लट्ठे, कुल लगभग 1.525 घनमीटर, जब्त किए और संबंधित आरा मिल के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण दर्ज किया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, वन विभाग की उड़नदस्ता टीम निर्धारित कार्यवाही के तहत मौके पर पहुंची। टीम ने आरा मिल में उपलब्ध लकड़ी की जांच की और संचालक से लकड़ी के स्रोत तथा उसके वैध परिवहन एवं भंडारण से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा। जांच के दौरान आवश्यक कागजात प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके बाद वन अमले ने नियमानुसार लकड़ी को जब्ती में लेकर आगे की कार्यवाही शुरू की।
दस्तावेज नहीं मिले तो विभाग ने दिखाई तत्परता
कार्यवाही का महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि वन विभाग ने केवल औपचारिक जांच तक सीमित न रहते हुए मौके पर उपलब्ध लकड़ी की नाप-जोख कर उसे जब्ती में लिया। दस्तावेज में 04 नग लकड़ी तथा 1.525 घनमीटर मात्रा का उल्लेख किया गया है। साथ ही संबंधित मामले में वन अपराध प्रकरण क्रमांक 7571/108, दिनांक 21 अगस्त 2026 दर्ज किए जाने की जानकारी भी सामने आती है।
वन विभाग की इस कार्यवाही को जंगल और वन संपदा की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है। अवैध कटाई से लेकर लकड़ी के परिवहन,भंडारण और चिरान तक की पूरी श्रृंखला पर निगरानी रखना वन संरक्षण की सबसे बड़ी चुनौती है। ऐसे में जब विभागीय टीम मौके पर पहुंचकर दस्तावेजों की जांच करती है और अनियमितता पाए जाने पर कार्यवाही करती है, तो इसका सीधा संदेश उन लोगों तक जाता है जो वन संपदा को निजी लाभ का माध्यम बनाने की कोशिश करते हैं।
उड़नदस्ता टीम की सक्रियता बनी उम्मीद
वन विभाग की उड़नदस्ता की संयुक्त टीम सक्रियता विशेष रूप से सराहनीय है। जंगलों से निकलने वाली लकड़ी अक्सर कई स्तरों से होकर बाजार तक पहुंचती है। ऐसे में केवल जंगल क्षेत्र में निगरानी पर्याप्त नहीं होती; आरा मिलों, लकड़ी के भंडारण स्थलों और परिवहन व्यवस्था की भी नियमित जांच जरूरी है।



