एनएच-49 फिर बना खून की सड़क: वेदांता साइडिंग के पास तेज रफ्तार चारपहिया ने दंपति को रौंदा, महिला की हालत गंभीर
खरसिया। राष्ट्रीय राजमार्ग-49 पर लगातार हो रहे सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार अल सुबह वेदांता साइडिंग के समीप एक और दर्दनाक हादसे ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। किरारी निवासी साखी राम पटेल और उनकी पत्नी श्रीमती पुष्पा पटेल मोटरसाइकिल से रानीसागर अपनी बेटी दमाद के घर रात्रि विश्राम के बाद मामा गांव होते मायका टेमटेमा जाने के लिए अलसुबह निकले थे, लेकिन रास्ते में तेज रफ्तार चारपहिया वाहन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रायगढ़ की ओर से आ रहे चारपहिया वाहन ने मोटरसाइकिल सवार दंपति को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई तथा स्थानीय लोगों 112के मदद से घायलों को तत्काल सिविल हॉस्पिटल खरसिया पहुंचाया गया।
सिविल हॉस्पिटल में प्राथमिक उपचार के दौरान चिकित्सकों ने बताया कि श्रीमती पुष्पा पटेल के सिर में गंभीर चोट आई है और उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर उपचार के लिए जिंदल अस्पताल रेफर कर दिया गया।
सवालों के घेरे में एनएच-49 की सुरक्षा
यह हादसा एक बार फिर उस एनएच-49 की भयावह तस्वीर सामने लाता है, जहां भारी वाहनों, तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग के कारण आए दिन निर्दोष लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। वेदांता साइडिंग और औद्योगिक क्षेत्र के आसपास लगातार बढ़ते यातायात दबाव के बावजूद सुरक्षा उपायों की कमी स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
कब जागेगा प्रशासन?
हर हादसे के बाद जांच, कार्रवाई और सुरक्षा के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि एनएच-49 पर मौत और गंभीर दुर्घटनाओं का सिलसिला लगातार जारी है। सवाल यह है कि आखिर कब तक परिवारों की खुशियां सड़क पर बिखरती रहेंगी और कब प्रशासन तेज रफ्तार व लापरवाह वाहन चालकों पर प्रभावी अंकुश लगाएगा?
फिलहाल घायल दंपति का उपचार जारी है और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। हादसे की खबर से किरारी ,रानीसागर, रक्सापाली और टेमटेमा क्षेत्र में चिंता और आक्रोश का माहौल है।



