
खरसिया/जशपुर खरसिया विधायक उमेश पटेल ने छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार जशपुर स्थित कांग्रेस भवन में आयोजित महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता में हिस्सा लेकर प्रदेश में बिजली दरों में लगातार हो रही वृद्धि के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरा।
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए विधायक उमेश पटेल ने कहा कि कांग्रेस सरकार के पांच वर्ष के कार्यकाल के दौरान बिजली की दरों में कोई वृद्धि नहीं की गई थी, जबकि वर्तमान भाजपा सरकार आम उपभोक्ताओं पर लगातार आर्थिक बोझ डाल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में हर तीन महीने में बिजली दरों में वृद्धि कर आम जनता, किसानों, छोटे व्यापारियों और मध्यमवर्गीय परिवारों की जेब पर अतिरिक्त भार डाला जा रहा है।
उन्होंने कहा कि महंगाई की मार पहले से झेल रही जनता के लिए बढ़ते बिजली बिल एक नई चुनौती बनते जा रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार जनहित के बजाय राजस्व बढ़ाने की नीति पर काम कर रही है, जिसका सीधा असर आम नागरिकों के घरेलू बजट पर पड़ रहा है।
कांग्रेस ने उठाए जनहित से जुड़े सवाल

पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने बिजली दर वृद्धि को जनविरोधी बताते हुए सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा कि आखिर बार-बार दरों में वृद्धि का औचित्य क्या है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि सरकार जनता को राहत देने में गंभीर है तो बिजली दरों में बढ़ोतरी पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
इस अवसर पर यू.डी. मिंज, विनय भगत, आरती सिंह, रत्ना पैकरा, हीरु निकुंज, मनोज सागर, रवि शर्मा, महेंद्र अग्रवाल, सहस्त्रांशु पाठक, आनंद कुजूर, संजय पाठक, प्रेस प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
यह पत्रकार वार्ता ऐसे समय आयोजित की गई है जब प्रदेश में बिजली दरों और महंगाई को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो रही है। कांग्रेस आगामी दिनों में इस मुद्दे को जनसरोकार से जोड़ते हुए व्यापक स्तर पर जनता के बीच ले जाने की तैयारी कर रही है। वहीं भाजपा सरकार का पक्ष है कि ऊर्जा क्षेत्र की आवश्यकताओं और वित्तीय प्रबंधन को ध्यान में रखकर नियामकीय प्रक्रिया के तहत निर्णय लिए जाते हैं।
बिजली दरों का मुद्दा आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण जनचर्चा का विषय बना रह सकता है।




